DASTOOR (Incomplete Love Story)

प्यार दोनों तरफ से हो ये जरूरी नहीं है। 

दुनियाभर में one sided लव स्टोरी भरी पड़ी है।

उन्हीं में से एक कहानी sad love story HIMANK BHARDWAZ आपके लिए लेकर आये हैं। 

ये स्टोरी प्यार करने वालों के लिए बहुत बड़ा मैसेज भी देती है।

B.Sc (1st)  में पढ़ने वाली कनिष्का (कन्नू )अपने ही क्लासमेट हिमांक (हेमू) से बहुत प्यार करती थी। 

फाइनल ईयर में पहुंच जाने पर भी कनिष्का अब तक हिमांक से अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाई थी। 

क्लासमेट होने की वजह से हिमांक और कनिष्का  में बातचीत तो होती थी, लेकिन सिर्फ जरुरत भर की।

और सिर्फ  केमिस्ट्री के लेक्चर में, क्योंकि हिमांक के पास बीएससी (PCM) और कनिष्का के पास. B.Sc (ZBC) सब्जेक्ट थे जिनमें केमिस्ट्री कॉमन था..

हिमांक बहुत ही शांत लड़का था। कॉलेज में भी उसके दोस्त बहुत कम थे। 

हिमांक को लेकर कनिष्का  के मन में क्या फीलिंग थी, ये भी पूरे कॉलेज में सिर्फ उसकी एक दोस्त स्मार्टी को ही मालूम थी। 

स्मार्टी अक्सर Kannu को ये कहा करती थी कि वो हिमांक से अपने दिल की बात क्यों नहीं बोल देती।

कॉलेज के आखिरी दिनों में स्मार्टी ने कनिष्का से कहा कि ‘ कनिष्का अब कुछ दिनों में हमारा कॉलेज खत्म हो जाएगा और अगर तुमने अभी हिमांक को अपने दिल की बात नहीं बताई तो फिर कभी नहीं बोल पाओगी। 

स्मार्टी की ये बातें सुननकर कनिष्का भी इस बारे में सोचने लगी।

एक दिन Kannu बड़ी हिम्मत कर के हिमांक के पास पहुंची और बोली  – “ हिमांक, मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूं।“

हिमांक- हां Kanishka, बोलो

Kanishka( थोड़ी डरी हुई सी धीमी आवाज में बोलती है)- हिमांक, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं।

हिमांक – क्या ?

कनिष्का (थोड़ा कॉन्फिडेंस के साथ) – हां हिमांक, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन काफी दिनों से मैं तुमसे ये बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी कि जब से मैंने तुम्हें देखा है और जाना है तब से तुम मेरी दुनिया बन गए हो।

हिमांक– तुम पागल हो Gyi Kanishka । तुम होश में तो हो ना? तुम ये क्या कह rahi हो?

Kannu (पूरे कॉन्फिडेनस के साथ)- हां हिमांक, मैं तुमसे अपने दिल की बात कह rahi हूं कि मैं तुमसे बहुत प्यार karti हूं। हिमांक (गुस्से में)- लेकिन मैं तुमसे प्यार नहीं  करता । मुझे सिर्फ अपनी सफलता से वास्ता है…. प्यार नाम का शब्द  मेरी डिक्शनरी में नहीं है.. कनिष्का ने हिम्मत करके हिमांक से अपनी दिल की बात कह ही दी  थी  लेकिन हिमांक, कनिष्का की बातों को इग्नोर करते हुए गुस्से में बोलता है कि मुझे अपने सपने पूरे करने हैं प्यार करना मेरा सपना नहीं है इसीलिए जिस दिन आप अपने मुकाम पर पहुंच जाएं प्यार को साइड में रख कर उस दिन मैं आपका हो जाऊंगा हम जब तक प्यार नहीं कर सकते तब तक हम अपनी मंजिल पूरी नहीं कर लेते. कनिष्का को हिमांक की यह बातें सुनकर ऐसा लगा कि उसने उसके प्यार की तोहीन कर दी है और उसने मन ही मन प्रण किया कि पहले में लाइफ में सक्सेस हो कर दिखाऊंगी और फिर तेरे पास आऊंगी लेकिन मेरा प्यार हिमांक हमेशा है रहेगा और कभी खत्म नहीं होगा, कॉलेज खत्म होने के कुछ दिनों बाद कनिष्का  आगे की पढ़ाई करने के लिए बाहर चली जाती है। और अपनी दोस्त स्मार्टी को एक पर्ची देकर जाती है जिसमें उसके पापा का नंबर लिखा होता है उसका एड्रेस लिखा होता है और यह लिखा होता है कि मैंने हिमांक आपके लिए अपनी पूरी फैमिली से बात कर ली है मैं सिर्फ शादी करूंगी तो आपसे मैं सिर्फ और सिर्फ आपके लिए अपनी मंजिल को पाने की तलाश में जा रही हूं अगर कभी भी मेरे बारे में जानना हो तो मेरे घर इस एड्रेस पर या इस नंबर पर कॉल करके जान सकते हैं लेकिन मेरी बात आपसे तभी होंगी जब मैं आपके कहे अनुसार अपनी मंजिल को पूर्ण रूप से पालूंगी उस दिन मैं आपका दिल भी जीत पाऊंगी आप मेरे लिए आज भी जिस हाल में है सिर्फ मेरे ही है और उस समय भी जिस हाल में होंगे सिर्फ मेरे ही होंगे मुझे हर रूप में आप स्वीकार होंगे बस आपको ही है साबित करके दिखाना है कि मेरा प्यार सच्चा है इस मैसेज भरी पर्ची को स्मार्टी, हिमांक को जा कर दे देती है लेकिन हिमांक उस पर्ची को पैंट की जेब में डाल कर बिना पढ़े यूं ही चला जाता है लेकिन हिमांक अपनी आगे की पढ़ाई करके एक अच्छा मुकाम पाने की कोशिश में लगा रहता है और उसके सपनों में सिर्फ और सिर्फ उसकी मंजिल ही दिखाई देती है जहां प्यार का कोई भी नामोनिशान नहीं होता है। और उधर कनिष्का डॉक्टरी की पढ़ाई करके अपनी मंजिल को हासिल करने में लगी हुई थी लेकिन उसकी मुस्कान, उसकी चलना, उसकी अदाएं और उसका वो इंकार। यह सब बातें उसको उसकी मंजिल की तरफ खींच कर ले जा रहे थे परंतु मन ही मन बहुत उदास रहती थी अकेली भी हो गई और उसके लाइफ में सिर्फ उसकी मंजिल ही उसकी मोहब्बत हो गई लेकिन हिमांक के लिए प्यार कभी कम नहीं हुआ.. दुनियाभर के सामने  कनिष्का बस अब अपनी झूठी मुस्कान ही दिखा पाती है। हिमांक को याद कर – कर के और हिमांक की बातों को दिल पर ले कर मुकाम को हासिल करने में लगी थी और कुछ समय मेहनत के पश्चात Kanishka अच्छी खासी डॉक्टर बन चुकी थी फिर एक दिन जब कनिष्का की दोस्त स्मार्टी   को ये बात मालूम होती है कि हिमांक भी मेहनत और लगन के बल पर एक अच्छा खासा CBI ऑफिसर बन चुका होता है, यह  बात , कनिष्का को बताती है और कनिष्का भी इस बात से बेहद खुश होती है वह सोचती है कि वाकई में उसने अपनी सफलता को अपनी मोहब्बत बनाया और हम दोनों ने अपनी अपनी मंजिल को पा लिया है अब शायद हिमांक मेरा प्यार स्वीकार कर लेगा हो सकता है उसने मेरे बारे में मेरे घर पूछताछ की होगी, जब उसको अपने घर जाकर यह बात पता चलती है हिमांक ने उसके बारे में कोई पूछताछ नहीं की और घरवाले उससे बोलते हैं कि शायद वह तुमसे प्यार नहीं करता फिर भी कनिष्का को इतना भरोसा होता है कि वह सिर्फ और सिर्फ मुझसे ही प्यार करता है और धीरे-धीरे यही बात उसके दिल पर गहरी चोट करती है कि उसने मेरे बारे में इतने सालों में पूछा तक नहीं कहां है जिंदा है मर गई और उसके मोहब्बत और गहरी हो जाती है , बेतहाशा कनिष्का अपनी मोहब्बत में चूर  दिन पर दिन इसी बात को लेकर परेशान होती रहती उसने मेरे बारे में पूछा तक नहीं क्या वह मुझसे प्यार करता भी है या नहीं या मैं ही सिर्फ उससे प्यार करती हूं, और यही बात जब कनिष्का को सोचने पर मजबूर कर देती है उसके मन में क्या जानने की इच्छा थी कि क्या हिमांक भी उससे प्यार करता है या अपनी सफलता में खो चुका है इसी बात को जानने के लिए उसने एक दिन अपनी पर्सनल गाड़ी से बाई रोड किसी को बिना बताए हिमांक के पास जाने का फैसला किया, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था अभी वह कुछ दूर driving करके हाईवे तक पहुंची हुई थी अचानक से तेज रफ्तार से आता हुआ ट्रक कनिष्का की गाड़ी को उड़ाता हुआ बहुत ही बहुत ही स्पीड से निकल जाता.. लगभग आधे घंटे बाद सड़क पर जाने कुछ लोग उसे पास के हॉस्पिटल में ही भर्ती करा देते हैं और जैसे तैसे उसके घर वालों को सूचना दे दी जाती है Smarty को यह बात पता चलते ही हिमांक को सूचना देती है .. चिकित्सकों ने 3 घंटे  ऑपरेशन के बाद उसके बचने और ना बचने की बात कहते हुए वेंटिलेटर पर रखा था वेंटीलेटर पर कनिष्का को 2 से 3 दिन हो चुके थे.. यह खबर सुनकर हिमांक मुंबई कनिष्का की तरफ रवाना होता है और उस हॉस्पिटल में जाता है जिस हॉस्पिटल में होती है.. वहां जाकर उसकी फैमिली को नर्वस देखता है.. तभी नर्स दौड़ती हुई आती है और बोलती है कि पेशेंट को होश आ गया है वह सिर्फ हिमांक से बात करना चाहती है हिमांक कनिष्का के पास जाता है और जब तक बात करने की कोशिश कर पाता कुछ बोल पाता तब तक कनिष्का अपनी बात कहते हुए कि मैंने आपके कहे अनुसार अपनी मंजिल को पा लिया मुझे आज सिर्फ इतना जानना है कि क्या आप मुझसे प्यार करते हैं हिमांक कि हां या ना सुनने से पहले ही कनिष्का अपनी आखिरी सांस छोड़ देती है मातम का माहौल छा जाता है इस घटना se हिमांक के जीवन में इतना बड़ा बदलाव आता है कि वह अपनी और कनिष्का के साथ हर बीती बातों को याद करता है और उसको कहीं ना कहीं ढूंढने की कोशिश करता है..
उसके जाने के बाद उसे सच्चे प्यार का एहसास हो चुका था.. अचानक उसको याद आता है कि बहुत साल पहले मुझे एक पर्ची दी थी जो कनिष्का नहीं भेजई थी उस पर्ची को ढूंढते हुए जब उस पर्ची को ढूंढ कर खुलता है तो उसको पढ़ कर तेज तेज होने लगता है.. क्या लगता है कनिष्का के जाने के बाद हिमांक टूट चुका था… या वह भी कनिष्का से बेहद प्यार करता था..

यह सिर्फ एक तरफा प्यार था…

WRITTEN STORY:-  Himank BhardwaZ