Category: Poetry

Poetry
himankbhardwaz

Mera Nya Anubhav

✍️✍️✍️मेरा नया अनुभव…मेरी नई जिंदगी…हर पल मुझे.. कुछ ना कुछ सिखाती है… यूं ही.. ठहरते..,नहीं.. निगाहों में, सपने..कमबख्त.., जुनून की आग.. हरपल, जीना सिखाती है…

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himankbhardwaz

Jaa Chuki Hai

ढूंढता हूं जिसमें मुकम्मल इश्क़ अपना, वो रातें वीरान करके जा चुकी है, ए ज़िंदगी तेरा तजुर्बा फ़क़त नहीं है, वो सांसे तमाम करके जा

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himankbhardwaz

Kyoon Ki Mein Meetha Sa Ahsaas Hoon

मुझे आंखों से सब कुछ कहना आता है, मुझे ख़्वाबों को हक़ीक़त करना आता है, अब तुम्हें मेरी चमकीली आंखों से शिकायत है, अब तुम्हें

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Aakar Mil

दुश्मन से.. कहता हूं.. आकर मिल… तू है.. गहरा समंदर.., मैं हूं.. साहिल.. तू साजिशों का…खतरा.., बेमिसाल है… तुझे.. खुद, तेरी.. रूह से, सवाल है..

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